Sunday, January 8, 2012

तुमसे जिंदा सपनों के कदम

तुम्हारे होने से बड़ा है
तुम्हारा न होना
तुम नहीं हो तो
कभी नहीं टूटेगा
तुम्हारे होने का तिलिस्म
तुम होतीं तो 
टूट ही जाते
तिलिस्म के सात दरवाजे
तुम नहीं हो तो
समय से भी तेज है
तुमसे जिंदा सपनों के कदम
तुम होतीं तो
समय के बीतने में ही
बीत जाता कितना कुछ
तुम नहीं तो
क्या नहीं है मेरे पास
रात, चांद, धरती, आकाश
दर्द, नज्म, असर 
तुम और मेरा सफर
तुम होतीं तो 
जिस्म की खाल में सिल जातीं
ये सब सौगातें
तुम नहीं हो 
तो एक काश है 
कुछ पाने का अहसास है......

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